Monday, 14 September 2026 | 5:37 PM
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फर्रुखाबाद में हीट वेव एक्शन प्लान–2026 को लेकर प्रशासन सतर्क, सूखा स्थिति की भी हुई समीक्षा

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 02 अप्रैल 2026 जनपद में बढ़ती गर्मी और संभावित लू (हीट वेव) के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वाधान में कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्टेट हीट वेव एक्शन प्लान–2026 के प्रभावी क्रियान्वयन ए
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फर्रुखाबाद में हीट वेव एक्शन प्लान–2026 को लेकर प्रशासन सतर्क, सूखा स्थिति की भी हुई समीक्षा
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 02 अप्रैल 2026 जनपद में बढ़ती गर्मी और संभावित लू (हीट वेव) के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वाधान में कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्टेट हीट वेव एक्शन प्लान–2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सूखा की स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लू से बचाव एवं राहत कार्यों को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से संचालित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में संभावित हीट वेव को देखते हुए आमजन को जागरूक करना और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए।

स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि जिला अस्पताल में एक विशेष वार्ड तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 4-4 बेड हीट वेव मरीजों के लिए आरक्षित किए जाएं। साथ ही कूल रूम, 108 एम्बुलेंस सेवा की सक्रियता, ओआरएस एवं आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण और सभी स्वास्थ्य केंद्रों को 24×7 चालू रखने के निर्देश दिए गए। सन स्ट्रोक से बचाव के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाने और मृत्यु के मामलों में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

परिवहन विभाग को बस स्टैंडों पर पेयजल, छाया और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए, जबकि पशुपालन विभाग को पशुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम, पानी की उपलब्धता और टीकाकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।

सूचना विभाग को सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से हीट वेव से बचाव संबंधी एडवाइजरी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। वहीं मनरेगा विभाग को श्रमिकों के कार्य समय में बदलाव करते हुए दोपहर 12 से 3 बजे तक कार्य रोकने और कार्यस्थलों पर पेयजल व छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

वन विभाग को वृक्षारोपण, जंगलों में आग से बचाव और वन्य जीवों के लिए जल स्रोतों के प्रबंधन के निर्देश दिए गए। अग्निशमन विभाग को 24×7 सक्रिय रहने, फायर ऑडिट पूरा करने और ग्रामीण स्तर पर अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए।

शिक्षा विभाग को विद्यालयों के समय में बदलाव, पेयजल और पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा छात्रों को हीट वेव से बचाव के उपायों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए। नगर निकायों और पंचायती राज विभाग को सार्वजनिक स्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों में प्याऊ, कूलिंग सेंटर और टैंकरों के माध्यम से पानी की व्यवस्था करने को कहा गया।

विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति, खराब पोलों की मरम्मत और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि “क्या करें और क्या न करें” संबंधी जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।