Monday, 14 September 2026 | 5:38 PM
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फर्रुखाबाद में “डायरिया से डर नहीं” अभियान: छात्राओं ने पोस्टर बनाकर दिया जागरूकता का संदेश

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 16 फरवरी 2026 जनपद के मदन मोहन कनोडिया बालिका इंटर कॉलेज में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर, रोल प्ले और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं के माध्यम से समुदाय में डायरिया रोक
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फर्रुखाबाद में “डायरिया से डर नहीं” अभियान: छात्राओं ने पोस्टर बनाकर दिया जागरूकता का संदेश
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 16 फरवरी 2026 जनपद के मदन मोहन कनोडिया बालिका इंटर कॉलेज में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर, रोल प्ले और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं के माध्यम से समुदाय में डायरिया रोकथाम और प्रबंधन के प्रति जागरूकता फैलाना रहा। इस अवसर पर छात्राओं ने अपने-अपने घरों में स्वास्थ्य प्रहरी की भूमिका निभाने का संकल्प भी लिया।

प्रतियोगिता में कुल 52 छात्राओं ने भाग लिया। कक्षा-9 की ताहिरा ने प्रथम, दिव्यांशी मिश्रा ने द्वितीय तथा निशु राठौर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कक्षा-8 की शिवांगी पाण्डेय और सृष्टि कुशवाहा को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। आयोजन Population Services International India (पीएसआई इंडिया) और Kenview के सहयोग से संपन्न हुआ।

डायरिया के लक्षण और बचाव पर दी गई जानकारी

कार्यक्रम में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंजलि ने डायरिया के लक्षणों और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि बच्चे को दिन में तीन से अधिक बार पतले दस्त हों, अत्यधिक प्यास लगे या आंखें धंसी हुई दिखाई दें तो यह डायरिया के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत ओआरएस का घोल देना शुरू करें और दस्त ठीक होने तक जारी रखें।

उन्होंने बताया कि ओआरएस और जिंक की गोलियां स्थानीय एएनएम या आशा कार्यकर्ता से निःशुल्क प्राप्त की जा सकती हैं। जिंक की गोली 14 दिनों तक निर्धारित विधि से देना आवश्यक है। छह माह से कम उम्र के शिशुओं को दस्त होने पर भी स्तनपान जारी रखना चाहिए।

डॉ. अंजलि ने यह भी कहा कि बच्चों का नियमित टीकाकरण कराना जरूरी है, विशेष रूप से रोटावायरस और विटामिन ए की खुराक लेना न भूलें। भोजन को ढककर रखना, पीने के पानी को स्वच्छ रखना तथा पानी निकालने के लिए डंडीदार लोटे का प्रयोग करना संक्रमण से बचाव के प्रभावी उपाय हैं।

13 जनपदों में चल रहा है अभियान

ज्ञात हो कि “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम फर्रुखाबाद सहित प्रदेश के 13 जनपदों में संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों में डायरिया के कारण होने वाली मृत्यु दर को समाप्त करना तथा सही दस्त प्रबंधन को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम में प्रधानाचार्य सुमन त्रिपाठी, अध्यापिकाएं पूनम शुक्ला, दिव्या सिंह, समीक्षा अग्निहोत्री सहित अन्य शिक्षिकाएं एवं पीएसआई इंडिया से अमरीश कुमार पाण्डेय और अनुपम मिश्रा उपस्थित रहे।

समुदाय में जागरूकता ही डायरिया से बचाव की सबसे बड़ी कुंजी है। यदि समय रहते सही उपचार और सावधानियां अपनाई जाएं तो डायरिया से होने वाली किसी भी बच्चे की मौत को रोका जा सकता है।