Monday, 14 September 2026 | 6:20 PM
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FRP बढ़ाने पर सीएम योगी ने PM का जताया आभार, पढ़िए रिपोर्ट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय कैबिनेट द्वारा गन्ना किसानों के उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) को बढ़ाये जाने पर प्रधानमंत्री का आभार प्रकट किया है। उन्होंने इसे गन्ना किसानों के स्वावलंबन से समृद्धि की यात्रा को नया आयाम प्रदान करने वाला बताया है। मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री का आभ
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FRP बढ़ाने पर सीएम योगी ने PM का जताया आभार, पढ़िए रिपोर्ट
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय कैबिनेट द्वारा गन्ना किसानों के उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) को बढ़ाये जाने पर प्रधानमंत्री का आभार प्रकट किया है। उन्होंने इसे गन्ना किसानों के स्वावलंबन से समृद्धि की यात्रा को नया आयाम प्रदान करने वाला बताया है।
मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा चीनी सीजन 2023-24 में गन्ना किसानों के लिए गन्ने के अब तक के उच्चतम उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) को ₹315 प्रति क्विंटल करने की स्वीकृति प्रदान करने का निर्णय अत्यंत सराहनीय है। यह निर्णय गन्ना किसानों के स्वावलंबन से समृद्धि की यात्रा को नए आयाम प्रदान करेगा। आज खुशहाल किसान ही नए भारत की पहचान हैं।
बता दें कि मोदी सरकार ने देश के गन्ना किसानों के लिए तोहफे का एलान करते हुए गन्ने की एफआरपी बढ़ाने का फैसला किया है। 2023-24 सीजन के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 10 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 315 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। यह अब तक के गन्ना खरीदी की सर्वाधिक कीमत है। इससे न केवल देश के गन्ना किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। साथ ही चीनी मिलों में कार्यरत श्रमिकों को भी लाभ मिलेगा। इस निर्णय से लगभग 5 करोड़ गन्ना किसान और चीनी मिलों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों को लाभ मिलेगा।
इसके अलावा मोदी सरकार ने किसानों को यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यूरिया सब्सिडी योजना को जारी रखने की मंजूरी भी दी है। पैकेज में तीन वर्षों (2023 से 2025) के लिए यूरिया सब्सिडी को लेकर लगभग 3.70 लाख करोड़ रुपये आवंटित करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है। सरकार के इस निर्णय से किसानों को यूरिया की खरीद के लिए अतिरिक्त खर्च करने की आवश्यकता नहीं होगी और इससे उनकी इनपुट लागत को कम करने में मदद मिलेगी। यूरिया सब्सिडी योजना के जारी रहने से यूरिया का स्वदेशी उत्पादन भी अधिकतम होगा।