भाजपा नेतृत्व द्वारा मिशन 2024 की रणनीति के तहत संगठन स्तर पर किए जा रहे तमाम बदलावों के बीच केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल व विस्तार की सुगबुगाहट भी है। संसद के मानसून सत्र के बाद इसकी संभावना जताई जा रही है। विस्तार में जद (यू) व शिवसेना के बागी गुट को जगह मिल सकती है। सरकार में अभी सहयोगी दलों से कुछ ही कैबिनेट मंत्री हैं, फेरबदल होता है तो इसकी संख्या बढ़ सकती है।
बीते दिनों राज्यसभा कार्यकाल पूरा होने और फिर से चुन कर न आने से जदयू के आरसीपी सिंह व भाजपा के मुख्तार अब्बास नकवी ने इस्तीफा दे दिया था। यह दोनों पद अभी रिक्त हैं। इनमें इस्पात मंत्रालय ज्योतिरादित्य सिंधिया व अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय स्मृति ईरानी को दिया गया है।
इस बीच, शिवसेना के बागी गुट के भाजपा के साथ आने और महाराष्ट्र में सरकार बनने के बाद उसे भी केंद्र में जगह दिए जाने की संभावना है। इससे उद्धव ठाकरे को एक और झटका देने के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे वाले गुट का असली शिवसेना का दावा और मजबूत किया जा सकेगा
केंद्रीय मंत्रिमंडल में अभी प्रधानमंत्री समेत 29 कैबिनेट मंत्री हैं। दो स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्रियों के साथ 47 राज्यमंत्री हैं। राज्य मंत्रियों में दो स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह व राव इंद्रजीत सिंह भी शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, मंत्रिपरिषद में छोटा फेरबदल किया जा सकता है, जिसमें अधिकतम एक दर्जन मंत्री शामिल या प्रभावित होंगे। गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्रियों में अभी पांच मंत्रियों के पास तीन-तीन मंत्रालय हैं। इनमें पीयूष गोयल, प्रहलाद जोशी, सर्वानंद सोनोवाल, अश्विनी वैष्णव व जी किशन रेड्डी शामिल हैं।
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क्या JDU और शिंदे गुट को मिल सकती है नरेंद्र मोदी कैबिनेट में जगह
भाजपा नेतृत्व द्वारा मिशन 2024 की रणनीति के तहत संगठन स्तर पर किए जा रहे तमाम बदलावों के बीच केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल व विस्तार की सुगबुगाहट भी है। संसद के मानसून सत्र के बाद इसकी संभावना जताई जा रही है। विस्तार में जद (यू) व शिवसेना के बागी गुट को जगह मिल सकती है। सरकार में अभी सहयोगी दलों स
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