Monday, 14 September 2026 | 6:22 PM
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बदायूँ :एकीकृत निःक्षय दिवस इस बार 16 जनवरी को मनाया जाएगा

एकीकृत निःक्षय दिवस इस बार 16 जनवरी को मनाया जाएगा बदायूँ :जिला क्षय रोग अधिकारी ने अवगत कराया है कि देश को वर्ष 2025 तक टी0वी0 मुक्त बनाने के मा० प्रधानमंत्री के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से प्रत्येक माह की 15 तारीख को हांने वाला एकीकृत निःक्षय दिवस इस बार 16 जनवरी को मनाया जायेगा! इस बार टी
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बदायूँ :एकीकृत निःक्षय दिवस इस बार 16 जनवरी को मनाया जाएगा
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एकीकृत निःक्षय दिवस इस बार 16 जनवरी को मनाया जाएगा

बदायूँ :जिला क्षय रोग अधिकारी ने अवगत कराया है कि देश को वर्ष 2025 तक टी0वी0 मुक्त बनाने के मा० प्रधानमंत्री के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से प्रत्येक माह की 15 तारीख को हांने वाला एकीकृत निःक्षय दिवस इस बार 16 जनवरी को मनाया जायेगा!
इस बार टी0बी0 के साथ-साथ फाइलेरिया, कुष्ठ और कालाजार के संभावित मरीजों को भी खोजा जायेगा!
लक्षण वाले मरीजों को आशा कार्यकर्ता के माध्यम से उपकेन्द्र तक पहुचाया जायेगा!
ताकि इनका उपचार शुरू हो सके!
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ0 विनेश कुमार ने बताया कि इस माह का एकीकृत निःक्षय दिवस 15 जनवरी को रविवार होने की वजह से स्वास्थ्य केन्द्रों में 16 जनवरी को मनाया जायेगा!

इस दिवस का उददेश्य टी0बी0 मरीजों की शीघ्र पहचान, गुणवत्तापूर्ण इलाज और योजनाओं का लाभ दिलाना है। अब इस माह से इस कार्यक्रम में फाइलेरिया, कुछ और कालाजार को भी जोड़ा गया है। उन्होने बताया कि एकीकृत निःक्षय दिवस से पहले आशा कार्यकर्ता गृह भ्रमण कर टीबी के बारे में और दिवस के आयोजन के बारे में समुदाय को जागरूक करेंगी। आशा कार्यकर्ता संभावित टी0बी0 मरीजों की सूची तैयार कर उन्हें हेल्थ एंड वेलनेस सेटर तक लाएंगी। सीएचओ मरीजों की एचआईवी, डायबिटीज और अन्य जाँच कराएंगे। इसके अलावा बलगम का नमूना लिया जायेगा और उसे निःक्षय पोर्टल पर प्रिमिटिव आई0डी0 बनाते हुए नजदीकी टीबी जॉच केन्द्र पर भेजा जायेगा। जिला मलेरिया अधिकारी योगेश कुमार सारस्वत ने बताया कि 16 जनवरी को होने वाले एकीकृत निःक्षय दिवस में फाइलेरिया कुछ और कालाजार के मरीजों को भी चिन्हित करेंगे। फाइलेरिया और कुष्ठ के लक्षण वाले मरीजों को आशा कार्यकर्ता के माध्यम से स्वास्थ्य उपकेन्द्र पर लाया जायेगा। ताकि इनका सुचारू उपचार शुरू हो सके। टी0बी0 रोग के लक्षण:-

दो सप्ताह या अधिक समय से खांसी होना। दो सप्ताह या अधिक समय से बुखार आना। वजन में कमी आना / भूख न लगना।

बलगम से खून आना।
कुष्ठ रोग के लक्षण:-
शरीर पर सुन्न दाग।

हथेली या पैर, आंख में कमजोरी विकृति घाव जिसमें दर्द न हो। चेहरे, शरीर या कान पर गांठे छाले, घाव फाइलेरिया के लक्षण:-पुरूषों के अण्डकोषों और महिलायों के स्तन के आकार में परिवर्तन सर्दी देकर तेज बुखार आना। हाथ पैर में सूजन और तेज दर्द होना आदि!

रिपोर्ट
सचिन बाबू
बिसौली बदायूं